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दो दिन रहेगा पुष्य नक्षत्र, बन रहे विशिष्ठ ज्योतिषीय महायोग
इंदौर. दीपपर्व पूर्व की खरीदारी का महामुहूर्त, शुभता व स्थिरता का प्रतीक पुष्य नक्षत्र दो दिन रहेगा. शनि व रवि पुष्य 1480 मिनिट तक रहेगा. विशिष्ठ ज्योतिषीय सर्वार्थसिद्धि, शुभ, रवियोग बुधादित्य महायोग बन रहे है. भानुसप्तमी व अहोई अष्टमी में महामुहूर्त की खरीदारी होगी.
यह बात भारद्वाज ज्योतिष व आध्यात्मिक शोध संस्थान के शोध निदेशक आचार्य पण्डित रामचंद्र शर्मा वैदिक ने कही. जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि सभी कार्यों को सिद्ध करने वाला नक्षत्रों का राजा पुष्य दो दिन रहेगा. समान्यत: दीपपर्व की खरीददारी इसी महामुहूर्त्त में होती है. इस नक्षत्र में चर, स्थिर, शांति पौष्टिक आदि सभी शुभ कार्य होते है.
इस वर्ष शुभता व स्थिरता प्रदान करने वाला पुष्य नक्षत्र शनिवार व रविवार को होने से शनि व रवि पुष्य के नाम से रहेगा. आचार्य शर्मा ने बताया कि दीपपर्व के सात दिन पूर्व 7 नवंबर को खरीददारी का महामुहूर्त्त पुष्य प्रात: 8 बजकर 4 मिनिट से आरम्भ होगा जो दूसरे दिन 8 नवंबर रविवार को प्रात: 8 बजकर 44 मिनिट तक रहेगा. इस प्रकार यह दो दिन 1480 मिनिट तक रहेगा. यह ऊर्ध्व मुख नक्षत्र है, जिसे राजा की संज्ञा प्राप्त है. इस नक्षत्र में सभी प्रकार की खरीदी शुभता व स्थिरता को प्राप्त होती है ।
कुछ खास योग लेकर आया है महामुहूर्त्त पुष्य
सर्वार्थसिद्धि, रवि योग, भानु सप्तमी, अहोई अष्टमी, सूर्य बुध का बुधादित्य योग, शुभ व शुक्ल योग कर्क राशि का चन्द्रमा पुष्य को सर्व मंगलकारी बना रहे है. इस नक्षत्र में सभी प्रकार के आभूषण, घरेलू उपयोगी सामग्री, वाहन,बर्तन, सोने चांदी के श्री गणेश व लक्ष्मीजी के सिक्के, बही खाते, महत्वपूर्ण औषधि का निर्माण, महत्वपूर्ण यात्रा,कारीगरी,नक्काशी व पूजा, सजावटी सामान शुभता के साथ स्थिरता प्रदान करता है. आचार्य शर्मा वैदिक ने बताया कि इस लघु व क्षिप्र नक्षत्र में भगवती लक्ष्मीजी का छत्र,ध्वजा, पताका ,बंदनवार व उत्साह सम्बन्धी सामग्री की खरीदी से महालक्ष्मी की असीम कृपा प्राप्त होती है.
इस दौरान रहेगा शुभ मुहूर्त
दो दिन शनिवार व रविवार को 1480 मिनिट पूरे शुभ है. 7 नवंबर शनिवार को प्रात: 8. 04 से दूसरे दिन रविवार को प्रात: 8.44 तक का समय शभी प्रकार की खरीदारी हेतु शुभ है , 7 नवंबर शनिवार, चौघडिय़ा मुहूर्त,,प्रात: 8.04 से 9 बजे तक शुभ, दोपहर 12 से 1.30 चंचल, 1.30 से 3 लाभ, अपरान्ह 3 से 4.30 तक अमृत. शाम 6 से 7.30 लाभ. रात्रि 9 से 10.30 शुभ, रात्रि 10.30 से 12 अमृत. रविवार को प्रात: 8.44 तक पुष्य नक्षत्र रहेगा. सभी शुभ मुहूर्तों में सभी प्रकार की खरीदी शुभ रहेगी.


